When did ipl start

कैसे शुरू हुआ IPL T20

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इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 2008 में हुई। टूर्नामेंट के शुरू होने के ठीक एक साल पहले भारत ने 2007 टी20 विश्व कप में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद भारत का हर क्रिकेट प्रेमी टी20 का दीवाना हो गया। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की दीवानगी को देखते हुए। आईपीएल(इंडियन प्रीमियर लीग) टूर्नामेंट के आयोजन की योजना बनाई गई। इस टूर्नामेंट का प्रारूप इंग्लिश प्रीमियर लीग और अमेरिका की नेशनल बास्केटबॉल लीग(एनबीए) की तरह रखा गया। इस प्रथम आईपीएल टूर्नामेंट के पीछे पूरा दिमाग ललित मोदी का था जो आईपीएल के कमिश्नर बने। यह टूर्नामेंट साल 2008 में लॉन्च किया गया। 

T20 IPL के प्लेयर को नीलामी के लिए रखा गया। इस नीलामी में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले शख्स को टीम को खरीदने का अधिकार दिया गया। टूर्नामेंट में टीमो की कुल संख्या 8 थी जो देश के विभिन्न शहरों के नाम पर थीं। इन टीमों की नीलामी 24 जनवरी 2008 से शुरू हुई और नीलामी की बेस राशि 400 मिलियन डॉलर रखी गई। नीलामी 729.59 मिलियन डॉलर पर खत्म हुई। मुंबई फ्रेंचाइजी को मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने खरीदा। यह फ्रेंचाइजी इस सीजन की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी थी। मुकेश अंबानी ने इसके लिए 111.9 मिलियन डॉलर खर्च किए। वहीं दूसरी महंगी टीम बैंगलुरू की रही जिसे विजय माल्या की यूनाइटेड ब्रुअरीज ने 111.6 मिलियन डॉलर देकर खरीदा। मीडिया हाऊस डेक्कन क्रॉनिकल ने 107 मिलियन डॉलर खर्च करके हैदराबाद फ्रेंचाइजी को खरीदा। वहीं इंडियन सीमेंट्स ने 91 मिलियन डॉलर खर्च करके चेन्नई फ्रेंचाइजी को खरीदा।

बॉलीवुड ने भी टीम खरीदने के लिए दस्तक दी और दो बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान और जूही चावला ने मिलकर कोलकाता फ्रेंचाइजी को 75.06 मिलियन डॉलर में खरीदा। वहीं प्रीति जिंटा ने नेस वाडिया के साथ मिलकर मोहाली टीम को 76 मिलियन डॉलर में खरीदा। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप जीएमआर ने दिल्ली फ्रेंचाइजी को 84 मिलियन डॉलर में खरीदा। इसके बाद जयपुर फ्रेंचाइजी को फ्रासर कैस्टीलीनों के सीईओ मनोज बदाले और लाटलन मर्डोक के साथ अन्य इन्वेस्टर ने मिलकर 67 मिलियन डॉलर में खरीदा।

आईपीएल के पहले सीजन में 8 टीमें थीं। हर टीम में 16 खिलाड़ी होना जरूरी थे। टूर्नामेंट 44 दिन तक चला जिसमें 59 मैच खेले गए।

पहले संस्करण के लिए आईपीएल की टीमें:

1. दिल्ली टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग को बनाया गया और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर शिफर्ड को कोच बनाया गया।
2. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न को राजस्थान टीम का कोच व कप्तान दोनों बनाया गया।
3. चेन्नई टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को बनाया गया और केपलर वेसल को कोच बनाया गया।
4. कोलकाता टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी सौरव गांगुली को बनाया गया वहीं जॉन बुचनान को कोच बनाया गया।
5. डेक्कन चार्जस टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण को बनाया गया और रॉबिन सिंह को कोच बनाया गया।
6. मुंबई टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को बनाया गया और लालचंद राजपूत को कोच बनाया गया।
7. बैंगलुरू टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी राहुल द्रविड़ को बनाया गया और कोच वेंकटेश प्रसाद को बनाया गया।
8. पंजाब टीम का कप्तान आईकन खिलाड़ी युवराज सिंह को बनाया गया और कोच टॉम मूडी को बनाया गया।

आईपीएल का पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू और कोलकाता नाइटटराइडर्स के बीच बेंगलुरू के एम चेन्नास्वामी स्टेडियम में 04 अप्रैल, 2008 को खेला गया। आईपीएल के पहले ही मैच में चौके-छक्कों की झड़ी देखने को मिली जब कोलकाता नाइटराइडर्स के बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने धुआंधार 73 गेंदों में 158 रन ठोंक दिए। इस तरह केकेआर ने 20 ओवरों में 3 विकेट पर 222/3 का स्कोर बनाया। जवाब में आरसीबी 15.1 ओवरों में 82 रनों पर ऑलआउट हो गई।

आईपीएल के इस टूर्नामेंट में शेन वॉर्न ने यह सिद्ध कर दिया कि वह सबसे बेहतरीन कप्तान हैं जब उन्होंने अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया। फाइनल में वॉर्न की टीम का मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स से हुआ। 1 जून 2008 को खेले गए इस मैच में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 163/5 का स्कोर खड़ा किया। राजस्थान टीम के युसुफ पठान ने इस मैच में बैट-गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया और तीन विकेट लिए।

बल्लेबाजी में अच्छे हाथ दिखाते हुए 39 गेंदों में 56 रन बनाकर वह सुरेश रैना के डायरेक्ट थ्रो पर आउट हो गए। अंततः राजस्थान ने मैच की आखिरी गेंद पर जीत दर्ज की। लक्ष्मीपति बालाजी ने इस टूर्नामेंट में पहली हैट-ट्रिक बनाई। उन्होंने यह हैट-ट्रिक पंजाब के खिलाफ मैच में इरफान पठान, पियूष चावला और वीआरवी सिंह को आउट करके बनाई। इस तरह उन्होंने मैच में 24 रनों पर 5 विकेट लिए और चेन्नई ने पंजाब को 18 रनों से हरा दिया। अमित मिश्रा ने इसी सीजन में अपनी हैट-ट्रिक दिल्ली की ओर से खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ ली। जब उन्होंने अपनी लगातार तीन गेंदों में रवि तेजा, प्रज्ञान ओझा और आर.पी. सिंह को आउट किया। इस तरह दिल्ली की टीम ने हैदराबाद को 12 रनों से हरा दिया। इस टूर्नामेंट में मखाया एंटिनी एक मात्र गैर-भारतीय खिलाड़ी रहे जिन्होंने हैट-ट्रिक लगाई। उन्होंने चेन्नई की ओर से खेलते हुए कोलकाता के सौरव गांगुली, देबब्रता दास और डेविड हसी को लगातार तीन गेंदों में आउट किया। इडेन गार्डन में खेले गए इस मैच को चेन्नई ने डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 3 रनों से जीत लिया।

आईपीएल का संक्षिप्त विवरण: जिस तर्ज में आईपीएल का आगाज किया गया उसने इस बात की ओर सीधे तौर पर इशारा किया कि क्रिकेट खेल अब पहले जैसा कतई नहीं रहा। आईपीएल में बिजनेस टायकून, बॉलीवुड ग्लैमर की उपस्थिति ने इस खेल के क्षेत्र में क्रांति ला दी। टी20 क्रिकेट के जुनून में डूबे क्रिकेट प्रेमियों को मैदान में बॉॉलीवुड म्यूजिक से रूबरू कराते हुए। क्रिकेट को पूरी तरह से इंटरटेनमेंट पैकेज बनाते हुए आईपीएल में प्रस्तुत किया गया जो दर्शकों को खूब पसंद आया। इस तरह आईपीएल के इस खेल का नया नाम क्रिकेटनमेंट पड़ा। जिसका मतलब है क्रिकेट और इंटरटेनमेंट का मिश्रण। टूर्नामेंट के शुरू होने के कुछ दिनों के बाद घरेलू खिलाड़ियों की प्रतिभा को भी रौशनी मिला और धवन, नायर, मिश्रा, डिंडा, जैसे नए प्रतिभासाली क्रिकेटर्स भारतीय टीम ने खोजे।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने अपने एक हरफनमौला खिलाड़ी शेन मार्श की तलाश इसी टूर्नामेंट से की जो गेंदबाजों को उसे गेंद डालने से पहले सोचने पर मजबूर कर देता था। शेन मार्श ने लंबे-लंबे छक्कों से पूरे टूर्नामेंट में सभी का दिल जीता। सनसनीखेज क्रिकेट खेलते हुए शॉन मार्श ने 11 मैचों में 616 रन बनाए। इसस दौरान उन्होमने 1 शतक और पांच अर्धशतक बनाए।

पाकिस्तान के सोहेल तनवीर टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक गेंदबाज साबित हुए जिनसे दो-दो हाथ करने में बल्लेबाज अतिरिक्त सतर्कता बरतते नजर आए। राजस्थान टीम की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने 11 मैचों में 22 शिकार किए। इसस दौरान उन्होंने अच्छी तरह से खेलने में कोई भी बल्लेबाज कामयाब नहीं हो पाया। तनवीर ने शेन वॉटसन के साथ मिलकर बेहतरीन गेंदबाजी की और मिलकर 39 शिकार किए।

उत्तर प्रदेश के तूफानी बल्लेबाज सुरेश रैना ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और चेन्नई टीम के लिए ब्रम्हास्त्र साबित हुए। उन्होंने 16 मैचों में 10 कैच लिए और दो बेहतरीन रन आउट किए। इस दौरान उन्होंने 14 पारियों में 421 रन भी बनाए। इरफान पठान के भाई युसुफ पठान इसस टूर्नामेंट की नई खोज के रूप में उभरे। उन्होंने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया और 15 पारियों में 435 रन बनाए। इस दौरान उन्होमने 43 चौके और 25 छक्के मारे। आईपीएल के आगाज ने पूरे विश्व में क्रिकेट को एक नए रूप में प्रस्तुत किया और अब क्रिकेट की तुलना विश्व के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल से की जाने लगी। आईपीएल का अगला संस्करण अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाला है ऐसे में क्या अलग देखने को मिलेगा ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन ये तो तय है कि यह सीजन भी दिलचस्प होने वाला है।

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