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history of kabaddi in hindi

कबड्डी खेल भारत में काफी लोकप्रिय है। कबड्डी जितना रोचक खेल है, उतना ही रोचक कबड्डी का इतिहास है। कबड्डी में भारत ने एशियाई खेल, विश्व कबड्डी लीग, कबड्डी वर्ल्डकप जैसे खेलो में कई मेडल जीते है। कबड्डी का खेल पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।कबड्डी खेलने के लिए एनर्जी और फुर्ती होनी चाहिए । इस खेल को खेलने के लिए किसी भी चीज की आवश्यकता नही होती है।

कबड्डी का इतिहास (Kabaddi History In Hindi) भारत से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि कबड्डी की शुरुआत भारत में हुई है। भारत का तमिलनाडु राज्य में कबड्डी की उत्पत्ति मानी जाती है। भारत में कबड्डी को लोकप्रिय होने में बहुत समय लगा है।

1. आजादी से पहले 1915 के आसपास महाराष्ट्र में इस खेल को प्रोफेशनल तरीके से खेला गया था। महाराष्ट्र में उस वक्त कबड्डी को खेलने के नियम बनाये गए थे। पहले कबड्डी केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही खेला जाता था। वर्ष 1938 में कबड्डी राष्ट्रीय खेलों का हिस्सा बनी थी।

2. वर्ष 1980 में पहला एशियन कबड्डी चैंपियनशिप खेली गई थी। इस चैंपियनशिप में भारत ने बांग्लादेश को हराकर जीत हासिल की थी।

3. वर्ष 1950 में अखिल भारतीय कबड्डी फेडरेशन का गठन हुआ था।

4. वर्ष 1970 के एशियन गेम में कबड्डी को शामिल किया गया था। एशियन गेम्स में हर बार गोल्ड मेडल भारत ने ही जीता है।

5. कबड्डी का पहला वर्ल्डकप वर्ष 2004 में खेला गया था। भारत ने कबड्डी के अभी तक के सारे वर्ल्डकप जीते है।

history of kabaddi कबड्डी का इतिहास

6. भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, श्रीलंका, जापान इत्यादि देशों में ज्यादा प्रसिद्ध है। वैसे इस खेल से एशिआई देश ज्यादा जुड़े हुए है लेकिन कनाडा, ब्रिटेन जैसे देश भी अब कबड्डी खेलने लगे है।

8. कबड्डी खेल को महिलाओं के बीच भी खेला जाता है। वर्ष 2012 में कबड्डी का पहला महिला वर्ल्डकप खेला गया था। भारत की पुरुष और महिला टीम ने विश्व कबड्डी में अपना दबदबा बनाया है।

9. कबड्डी का खेल बांग्लादेश का राष्ट्रीय खेल भी है।

10. कबड्डी का मूल भाव होता है “हाथ थामे रहना”।  इस खेल में पूरी टीम का एफर्ट होता है। खिलाड़ी आपस में हाथ पकड़कर खड़े रहते है।

11. इस खेल को उत्तर भारत में कबड्डी, तमिलनाडु में चादुकट्टू, पंजाब में कुड्डी कहते है।

कबड्डी खेल की जानकारी Information of Kabaddi In Hindi –

कबड्डी (Kabaddi) का खेल भारत में मुख्यत 4 प्रकार से खेला जाता है।

1. संजीवनी कबड्डी – नाम से स्पष्ट है कि इसमें खिलाड़ी को एक बार संजीवनी मिलती है। इसका आशय यह है कि आउट हुए खिलाड़ी को वापस खेलने का मौका मिलता है। इस प्रकार की कबड्डी में एक निश्चित टाइम लिमिट होती है।

2. पंजाबी कबड्डी – पंजाबी कबड्डी को एक वृत रूपी मैदान में खेला जाता है।

3. जैमिनी कबड्डी – इस कबड्डी में एक बार आउट हुआ खिलाड़ी मैदान से बाहर हो जाता है। वह वापस खेल में नही आ सकता है।

4. अमर कबड्डी – इस खेल में कोई भी टाइम लिमिट नही होती है। इसमें खिलाड़ी आउट होने के बाद भी खेलता है।

कबड्डी के मैदान में दो पाले होते है। दोनों पाले में टीम्स होती है। कबड्डी में दो टीम होती है। दोनों टीमो में खिलाड़ियों की संख्या 7-7 होती है। 40 मिनट मैच की अवधि होती है।

इस खेल का मुख्य भाव खिलाड़ी को छूना और पकड़ना होता है। जब भी किसी टीम का एक खिलाड़ी विरोधी टीम के पाले में जाता है तो वह “कबड्डी कबड्डी” शब्द रिपीट करता है। अगर विरोधी टीम उस खिलाडी को पकड़ लेती है और वह खिलाड़ी कबड्डी-कबड्डी बोलना रोक देता है। तो खिलाड़ी आउट माना जाता है। विरोधी पाले में गए खिलाड़ी को रेडर और विरोधी खिलाड़ियों को छू कर आना पड़ता है नहीं तो तीसरे रेड में वो आउट मन जाता है।

इस खेल में खिलाड़ी का प्रयास विरोधी टीम के पाले में जाकर किसी भी भी प्लेयर को छूकर अपने पाले में एक सांस में वापस आना होता है। यही इस पूरे खेल का बेसिक नियम है

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